Tuesday 3 February 2009

*समीक्षा --अशोक लव की संघर्षशील लड़कियों के लिए कविताएँ / ओम सपरा



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मित्र संगम पत्रिका ,संपादक- प्रेम वोहरा ,पुरानी गुप्ता कालोनी ,दिल्ली-११००९
फ़ोन -०११-२७२२६२६५ (मो) ९८६८८७०१२१ अंक - फरवरी-२००९
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यह सच है की आज तमाम आधुनिकता के बावजूद भी हमारा समाज लड़कियों के मामले में सदियों पूर्व की मानसिकता में जी रहा है। अन्यथा भ्रूण हत्या ,दहेज तथा महिलाओं पर राह चलते लूटपाट व अत्याचार किस सोच के प्रतीक हैं ?डॉ व्रज किशोर पाठक ने सही लिखा है - ' अशोक लव शेक्सपीयर की तरह गद्य को मुक्त छंद के कविता शिल्प में लिखते हैं और अकविता से अपनी दूरी रखते हुए अनुभूति, विचार को गहराई में ढालते हैं। चित्र,बिम्ब,मिथक, नए विशेषण ,नए उपमान गढ़ते रहते हैं।
प्रोफ़ेसर रूप देवगुण ने कहा है - पुरूष होकर भी अशोक लव ने इन कविताओं के माध्यम से पुरुषों की मानसिकता पर जो प्रहार किया है, वह प्रशंसनीय है। वस्तुतः कवि सामाजिक सरोकारों से सीधे जुड़े है । वह समय की धडकनों का चितेरा होता है।'
डॉ अशोक लव न केवल एक अच्छे लघुकथाकार हैं अपितु एक संवेदनशील कवि भी हैं, ऐसा उनके इस काव्य-संग्रह के कविताओं को पढ़कर स्पष्ट हो जाता है। अशोक लव ज़मीन से जुड़े कवि हैं । उनकी कविताओं में गुलाब के फूलों सी ताजगी है, साथ ही उनके विचारों में सागर सी गहराई भी झलकती है। कविता के साथ-साथ गद्य पर भी आपकी लेखनी अधिकारपूर्वक चलती रहती है। उनकी कविताओं में संवेदनाएं तो हैं ही , व्यवस्था के परिवर्तन एवं शोधन के लिए निरंतर चलने वाला विचार-मंथन व आक्रोश का स्वर भी है।
पत्नी श्रीमती नरेशबाला लव एवं पुत्रियों- ऋचा ,पल्लवी और पारुल के नाम उनकी ये कविताएँ उन सब लड़कियों को समर्पित हैं जो आसमान को छूना चाहती हैं।
इस संग्रह में अधिकतर कविताएँ सुंदर व प्रभावशाली हैं पर - ' सदाबहार बेटियाँ, करतारो सुर्खियाँ बनाती रहेंगी , बदलते आँगन , छूटी गलियों की गंध, चक्रव्यूहों के मध्य, गरम मोम, कविता सूरज है, बदलता मौसम और तोता - मैना , घायल हवा ,अँधा-बहरा शहर , मरा गया एक ख़ास,गिलहरियाँ, उड़- उड़ जाते पक्षी ,वसंत का मेला, बगल में बैठी मृत्यु , लहरों के कामना -दीप, यूँ निकला सूरज ' आदि कुछ उल्लेखनीय कविताएँ हैं ।
आवरण सुंदर बन पड़ा है। संग्रह पठनीय है तथा मित्रों को उपहार में देने योग्य है।
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*समीक्षक - ओम सपरा , एन-२२, मुकर्जी नगर,दिल्ली ११०००९
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कवि- डॉ अशोक लव ,३६३-सूर्य अपार्टमेन्ट, पलट-१४,सेक्टर- , द्वारका,नई दिल्ली-११००७५ ,प्रकाशक-सुकीर्ति प्रकाशन, कैथल-१३६०२७,पृष्ठ -११२,मूल्य-१०० रु
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