Monday 6 February 2012

बाज़ और अधिकार / अशोक लव

बाज़ों के पंजों में 
चिड़ियों का माँस देख 
नहीं छोड़ देती चिड़िया 
खुले आकाश की सीमाएँ नापना . 
उड़ती है चिड़िया 
गुँजा देती है
चहचहाटों से आकाश का कोना-कोना 
बाज़ चाहे जिस ग़लतफ़हमी में रहें 
चिड़िया नहीं छोड़ती 
आकाश पर अपना अधिकार !
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* अशोक लव -पुस्तक अनुभूतियों की आहटें 

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