Monday 21 June 2010

हमारे गोत्र ऋषि





'मोहयाल आश्रम हरिद्वार' के ध्यान-कक्ष (Meditation-Hall) को मंदिर का रूप दिया गया है। इसमें शिव-पार्वती-गणेश जी और हनुमान जी की मूर्तियों की स्थापना के साथ-साथ इन ऋषियों की लगभग छः फुट की भव्य प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं -महा ऋषि वशिष्ठ , पराशर, भृगु , भरद्वाज, कश्यप, कौशल और धन्वन्तरी। 19 -20 जून को विधिवत पूजा-पद्धति - हवन के साथ इन मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की गई।
इस अवसर के लिए विशेष रूप से पुस्तिका ' मोहयाल गोत्र ऋषि ' का प्रकाशन किया गया। इसमें मोहयाल ब्राह्मणों के सातों गोत्र ऋषियों का परिचय दिया गया है। इन ऋषियों के सम्बन्ध में गत तीन महीनों से गंभीरतापूर्वक कार्य करते हुए सुखद अनुभूति हुई। उन ऋषियों के ज्ञान और विद्वता के समक्ष नतमस्तक हुए बिना नहीं रहा गया। इस पुस्तिका में उनके संक्षिप्त परिचय हैं। इन पर पुस्तक भी शीघ्र ही प्रकाशित कराने की योजना है।

No comments: