Monday 22 June 2009

सागर-पक्षी / अशोक लव


सागर की लहरों को
छोड़कर आ गया
सागर-पक्षी
करने बातें
मन की ।
विशाल पंखों को समेट
आकर बैठ गया मौन
न उसने कुछ कहा
न मैंने ।
हमने कर ली बातें
कुछ ही पलों में ।

बहुत बार
कहने के लिए
शब्दों की आवश्यकता नहीं पड़ती ।
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
*सैंटा बारबरा , प्रशांत महासागर समुद्र - तट , 19 जून 2009

No comments: